C++ एक सामान्य-उद्देश्य (general-purpose), उच्च-प्रदर्शन (high-performance) प्रोग्रामिंग भाषा है, जिसका उपयोग सिस्टम सॉफ्टवेयर, एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर, गेम्स और प्रदर्शन-संवेदनशील (performance-critical) प्रोग्राम बनाने में व्यापक रूप से किया जाता है। इसे 1980 के दशक की शुरुआत में Bjarne Stroustrup ने C भाषा के विस्तार के रूप में विकसित किया था। इसका उद्देश्य C की गति और लो-लेवल नियंत्रण को बनाए रखते हुए ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग (OOP) की सुविधाएँ जोड़ना था।
C++ लो-लेवल दक्षता और हाई-लेवल अमूर्तता (abstractions) का संयोजन है, जो इसे शक्तिशाली, लचीला और हार्डवेयर-के निकट प्रोग्रामिंग तथा बड़े-पैमाने के सॉफ्टवेयर विकास—दोनों के लिए उपयुक्त बनाता है।
ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग (OOP)क्लास और ऑब्जेक्ट का समर्थन करता है, साथ ही OOP की मुख्य अवधारणाएँ जैसे एन्कैप्सुलेशन, इनहेरिटेंस, पॉलीमॉर्फ़िज़्म और एब्स्ट्रैक्शन प्रदान करता है।
तेज़ और कुशलयह एक कम्पाइल्ड भाषा है, जिसमें पॉइंटर्स के माध्यम से सीधे मेमोरी एक्सेस की सुविधा होती है, इसलिए यह प्रदर्शन-संवेदनशील अनुप्रयोगों के लिए आदर्श है।
मल्टी-पैराडाइम भाषाप्रोसीजरल, ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड और जेनरिक प्रोग्रामिंग (टेम्पलेट्स के माध्यम से) का समर्थन करती है।
समृद्ध स्टैंडर्ड लाइब्रेरी (STL)वेक्टर, लिस्ट, मैप, एल्गोरिद्म और इटरेटर जैसे रेडी-मेड घटक उपलब्ध कराती है।
पोर्टेबलC++ प्रोग्राम्स को अलग-अलग प्लेटफ़ॉर्म पर बहुत कम या बिना किसी बदलाव के कम्पाइल और रन किया जा सकता है।
C के साथ संगतताअधिकांश C प्रोग्राम्स को C++ कम्पाइलर से कम्पाइल किया जा सकता है।