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Introduction [ Hindi ]

C एक सामान्य-उद्देश्य (General-Purpose), प्रक्रियात्मक (Procedural) प्रोग्रामिंग भाषा है, जिसे 1972 में डेनिस रिची (Dennis Ritchie) ने बेल लैबोरेट्रीज़ (Bell Laboratories) में विकसित किया था। इसे मुख्य रूप से सिस्टम सॉफ्टवेयर, विशेष रूप से UNIX ऑपरेटिंग सिस्टम के विकास के लिए बनाया गया था।

C भाषा मेमोरी तक निम्न-स्तरीय (Low-Level) पहुँच और उच्च-स्तरीय (High-Level) प्रोग्रामिंग संरचनाओं के बीच संतुलन प्रदान करती है, जिससे यह शक्तिशाली और कुशल बनती है। C में लिखे गए प्रोग्राम तेज़, पोर्टेबल और हार्डवेयर के क़रीब होते हैं। इसी कारण इसका उपयोग ऑपरेटिंग सिस्टम, कंपाइलर, एम्बेडेड सिस्टम, डिवाइस ड्राइवर और सिस्टम यूटिलिटीज़ में व्यापक रूप से किया जाता है।

C भाषा की मुख्य विशेषताएँ:

  • संरचित भाषा (फंक्शन्स, कंट्रोल स्टेटमेंट्स)
  • कुशल और तेज़ निष्पादन
  • विभिन्न प्लेटफ़ॉर्म पर पोर्टेबिलिटी
  • ऑपरेटरों और डेटा टाइप्स का समृद्ध सेट
  • पॉइंटर्स के माध्यम से सीधे मेमोरी का प्रबंधन
  • C++, Java और Python जैसी आधुनिक भाषाओं की आधारशिला

अपनी सरलता, उच्च प्रदर्शन और सिस्टम संसाधनों पर बेहतर नियंत्रण के कारण, C आज भी सबसे महत्वपूर्ण और व्यापक रूप से उपयोग की जाने वाली प्रोग्रामिंग भाषाओं में से एक है।